Breaking News

है नया सवेरा शाम नई, है भारत की पहचान नई ( Hai Naya Savera Sham Nayi)


है नया सवेरा शाम नई, है भारत की पहचान नई
दुनिया मे बढ़ने आगे को आज सजे अरमान कई
अरमानो की डोली नित नये विचारो से सजती
भारत नही कहता थकते ये है नया सवेरा शाम नई
है नया सवेरा शाम नई, है भारत की पहचान नई

हरि हरित लहराती गासें चहु ओर मचलती ये फसले
कल कल बहता नदियों का पानी उचे उचे गिरते ये झरने
मंद पवन के झोको से आती गीतों की तान नई
है नया सवेरा शाम नई, है भारत की पहचान नई

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई है चार रत्न नई आशा के
बजते डंके हर मौसम में प्रेम सौहाद्र सदभावना के
मानव प्रेम और मेलजोल ने जैसे डाली है जान नई
है नया सवेरा शाम नई, है भारत की पहचान नई

गर्दिश के दिन आज नही है खड़ा स्वयं के पैरों पर
युद्ध क्षेत्र या कला विज्ञान है आज सवार विजय रथ पर
विजय रथ के मार्ग में जुड़ती जाती राहें नई नई
है नया सवेरा शाम नई, है भारत की पहचान नई

हम हिंदुस्तानी इस पर गर्व करो
हर पल आते नए युग पर न्योछावर अपना सर्व करो
आओ गाओ मिलजुलकर सब औऱ छेड़ो तान यही
है नया सवेरा शाम नई, है भारत की पहचान नई

No comments