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समय का बदलाव हो या नया जमाना (Samay Ka Badlaav Ho Ya Naya Zamana)



समय का बदलाव हो या नया जमाना
दिल पे दस्तक देने चाहे जब आ जाना

हो शिकायतें पुरानी या ख़्वाहिसे तरीन
कुछ सोचकर ही अब मुझे आजमाना

इश्क़ करना है तो क्यों न खुद से करु
जहाँ ना दर्द है ना पछताना




फुसफुसाता है वो यू कानो में मेरे
मानो चाहता है बिन कहे सुनजान

तारीफ में किसी की भी करू
उसकी तो फितरत में ही है जल जाना

कभी मैं बदल जाऊंगा तुझमे तेरा होके
खोकर कभी तू भी मुझमे ढल जाना

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