Breaking News

एक ऐसी ग़ज़ल जो दिल को छु जाये भी (Ek Aise Gazal)




एक ऐसी ग़ज़ल जो दिल को छु जाये भी 

और धीमे से पलकें भिगो जाये भी


जो सुने और कहे आज बहते चलो 

हर खुसी दर्द सारे सहते चलो 

जिसका जादू सभी पर चल जाये भी

और सबके दिलो मे उतर जाये भी



सुनी खिड़की, हवाओ मे कुछ घोलकर 

पैदानो के कानो मे कुछ बोलकर 

कमरे की आहात बन जाये भी

जिसके साए मे वक़्त गुजर जाये भी

जो बताये है क्या रूप ये प्यार का

जो सुनाये कभी राज़ श्रंगार का

खुद मे मोहब्बत जो बन जाये भी

बनके होठों का सावन खिल जाये भी

हुम्जुवा हमनवा बेजुवा हो गए
आज रिश्तो के कैसे सितम हो गए 

सारे रिश्तो का अहसास बन जाये भी

और नफरत का मौसम बदल जाये भी


क्या पता राज़ क्या किसके दिल मे छुपा 
किसके दामन मे है किसका आँचल सजा

जीवन का संजोग बन जाये भी 

जिसको चाहे उसे वो मिल जाये भी

No comments