Breaking News

Welcome to Tathastu. Place for History and Mythology. Website layout changed on 15 June 19

दीवारों के कान भले न हो पर दिल जरूर होते है



दीवारों के कान तो नही पता पर दिल जरूर होते है
कैसे वो बच्चो को अपना दिल खोल कर दे देती है 
रंग भरने को
हँसी को आवाज़ को कई गुना करके लौटती है
माहौल बनाने को
वैक्यूम बनाके दूसरे दरवाजे तक जाने से रोक देती है
लड़ाई झगड़े की आवाज़ को
कई पीढ़ियों की यादें अपने मे समाये रखती है
हर जन्म पे खुश और हर मातम पे 
उदास भी हो जाती है
वो दीवारें ही है जहाँ पूरे परिवार को हरदम देख 
हम मगरूर होते है
दीवारों के कान तो नही पता पर दिल जरूर होते है


जरूर पढ़े


जब प्यार हुआ तो पार हुआ जीवन के झाल झमेले से (jab pyar hua to paar hua)

तेरी आखें कुछ तो कहती है (Teri aakhen kuch to kahti hai)

जब तुम्हारे साथ मैंने ये सफ़र प्रारम्भ किया (Jab Tumhare saath maine ye safer prarambh kiye)

मैं अंधेरे कमरे का कोना (andhere kamre ka kona)


Astitva-Mera-Mujhi-Main

No comments