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एक जापानी गांव में केवल 27 लोग हैं और 270 आदम-आकार वाली गुड़िया उनका साथ देने के लिए (Lonely Village in Japan)





पर पिछले कुछ वर्षों में, जापानी आबादी में भारी गिरावट आयी है । ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्र मानव आबादी को कम करने वाले क्षेत्रों की सूची में शीर्ष पर रहे हैं। पश्चिमी जापान के पहाड़ों में स्थित नागोरो नामक एक ऐसे गांव में पहले 300 से अधिक लोगों की आबादी थी। अब यहाँ केवल 27 लोग ही बचे है जो अपना जीवन काट रहे है और अकेलेपन से झुज रहे है| 



यु तो अकेलापन हमेशा सभी को कचोटता है और हम सभी कभी भी अकेले बहुत समय तक रहना नहीं चाहते | इसलिए नागोरो में रहने वाली एक महिला ने अकेलेपन से निपटने का अगल ही रास्ता खोज निकाला 




गाँव में अकेलेपन का कम करने के लिए, एक स्थानीय निवासी त्सुकिमी अयानो ने मानव आकार की गुड़िया बनाने का फैसला किया और उन्हें सड़कों पर घरो के बाहर , बस स्टैंड पे, स्कूल में सभी जगह रख दिया
उनका कहना है की आदम आकर के गुड़िया देखकर बचे लोगो को भीड़ का अनुभव होता है | जिससे अकेलापन महसूस नहीं होता | 


गांव में 27 मनुस्यो के साथ करीब करीब 270(10 गुना) गुड़ियाएं रह रही है 

यह सब 16 साल पहले शुरू हुआ जब अयानो ने अपना पहला नमूना बनाया और उसे अपने पिता के कपड़े पहनाकर बगीचे में बिठा दिया ताकि बगीचे में लगाए गए बीजों को पछियो के खाने से रोका जा सके।

"एक व्यक्ति जिसने इसे बगीचे में देखा, उसने सोचा कि यह वास्तव में मेरे पिता थे ... उन्होंने कहा कि नमस्ते, लेकिन यह एक गुड्डा था। यह हास्यास्पद था" 



गुड़िया बनाने के लिए वह लकड़ी की छड़ें, शरीर को भरने के लिए समाचार पत्र, त्वचा के लिए कपड़े और बालों के लिए ऊन की बुनाई का उपयोग करके गुड़िया तैयार करती है। उन्हेंइंसानी रूप देने के लिए वह मेकअप ब्रश के साथ होंठों और गालों पर गुलाबी रंग लगाती हैं। ये मानव-आकार की गुड़िया गाँव के हर नुक्कड़ के आसपास देखी जा सकती है।




अयानो बताती है कि गाँव में कोई बच्चा नहीं बचा है और वहाँ का सबसे छोटा सदस्य 55 साल का है! "लोगों ने धीरे-धीरे छोड़ दिया सहरो में काम करने के लिए | अधिकतर लोग अब यहाँ वापस आना नहीं चाहते | अब यह गांव  अकेला है | " उसने कहा। जब धीरे धीरे गुडियो से गाँव की रौनक बढ़ने लगी , तब मैंने और भी गुड़िया बनाई।"






ग्रामीण क्षेत्रों में घटती जनसंख्या को देखते हुए, जापानी प्रधान मंत्री, शिंजो आबे ने टोक्यो के बाहर के क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने का वादा किया है, ताकि उन पर अरबों येन खर्च किए जा सकें।


जापान रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक अर्थशास्त्री ताकुमी फ़ुजिनामी कहते हैं, '' डीपॉपुलेशन से निपटने के लिए, हमें लोगों को डीपॉपुलटेड क्षेत्रों में जाने की ज़रूरत है। लेकिन जनसंख्या को पुनर्प्राप्त करना बेहद मुश्किल है। अगर ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिए आय बढ़ने पर काम किया जाए तो परिस्थितियों में सुधार आ सकता है ।



हालांकि, गुड़िया की बजह से, नागोरो एक पर्यटक आकर्षण बन गया है! वह कहती है, अब कई लोग यहां आते हैं। मुझे उम्मीद है कि नागोरो फिर से जीवंत हो जाएगा और कई लोग यहां घूमने आते हैं।
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